Saturday, October 17, 2015

17-10-2015

લાગણીઓ નો જમાનો નથી...
લોકો કેવા રમી જાય છે.
જેને પોતાના માન્યા જીંદગીભર...
એને બીજા ગમી જાય છે...
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જાણવું છે શું અંધારુ છે. .?      
જીવન તારા વિનાનુ, મારુ છે, ,,,!!
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 ❛ અતિતને
કયાં હોય છે અંત

જરા યાદ કરો
એટલે થાય જીવંત ❜
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આ મારા
 અને
આ મારી
એની જ છે બધી
 મારામારી.
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ખોટી વાહ..... અને પાછળ થી ઘા...
આપણાં લોહી માં જ નથી વાલા...!
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फिल्मों के 10 dialog हैं. ये आपको कहीं हिम्मत
नहीं हारने देंगे और सफलता पाने का जज्बा
हमेशा जगाए रखेंगे .
1. 3 Idiots: काबिल हो जा मेरे बच्चे,
कामयाबी तुम्हारे पीछे झक मार कर आएगी.
2. Dhoom 3: जो काम दुनिया को नामुमकिन
लगे, वही मौका होता है करतब दिखाने का.
3. Badmaash Company: बड़े से बड़ा बिजनेस पैसे से
नहीं, एक बड़े आइडिया से बड़ा होता है.
4. Yeh Jawaani Hai Deewani: मैं उठना चाहता हूं,
दौड़ना चाहता हूं, गिरना भी चाहता हूं....बस
रुकना नहीं चाहता .
5. Sarkar: नजदीकी फायदा देखने से पहले दूर का
नुकसान सोचना चाहिए.
6. Namastey London: जब तक हार नहीं होती
ना....तब तक आदमी जीता हुआ रहता है.
7. Chak De! India: वार करना है तो सामने वाले
के गोल पर नहीं, सामने वाले के दिमाग पर
करो..गोल खुद ब खुद हो जाएगा.
8. Mary Kom: कभी किसी को इतना भी मत
डराओ कि डर ही खत्म हो जाए.
9. Jannat: जो हारता है, वही तो जीतने का
मतलब जानता है.
10.Happy New Year: दुनिया में दो तरह के लोग
होते हैं विनर और लूजर...लेकिन जिंदगी हर लूजर
को एक मौका जरूर देती है जिसमें वह विनर बन
सकता है.
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 थोडा वक्त खुद के
       लिये निकालिये और ये
       कुछ बेहतरीन शब्द पढे़.
•   बहुत गहराई है इनमें..
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 बिना लिबास आए थे इस
       जहां में,
 बस एक कफ़न की खातिर,
      इतना सफर करना पड़ा
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 समय के एक तमाचे की देर
       है प्यारे,
 मेरी फकीरी भी क्या,
      तेरी बादशाही भी क्या..
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 जैसा भी हूं अच्छा या बुरा
      अपने लिये हूं,
 मै खुद को नही देखता औरो
      की नजर से..
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 मुलाकात जरुरी हैं,
   अगर रिश्ते निभाने हो,
 वरना लगा कर भूल जाने से
       पौधे भी सूख जाते हैं..
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 नींद आए या ना आए,
      चिराग बुझा दिया करो,
 यूँ रात भर किसी का
     जलना, हमसे देखा नहीं
      जाता..
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 मोबाइल चलाना अब जिसे
      सिखा रहा हूँ मैं,
 पहला शब्द लिखना उसने
     मुझे सिखाया था..
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 यहाँ हर किसी को,
    दरारों में झांकने की आदत है,
 दरवाजे खोल दो तो कोई
       पूछने भी नहीं आएगा..
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 तू अचानक मिल गई तो
      कैसे पहचानुंगा मैं,
ऐ खुशी....तू अपनी एक
      तस्वीर भेज दे..
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 इसी लिए तो बच्चों पे नूर
     सा बरसता है,
 शरारतें करते हैं, साजिशें तो
     नहीं करते..
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 महँगी से महँगी घड़ी पहन
     कर देख ली,
 वक़्त फिर भी मेरे हिसाब से
     कभी ना चला..
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यूं ही हम दिल को साफ रखा
      करते थे ..
 पता नही था की, ‘कीमत
      चेहरों की होती है..
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दो बातें इंसान को अपनों से
     दूर कर देती हैं,
एक उसका ‘अहम’ और
     दूसरा उसका ‘वहम’..
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पैसे से सुख कभी खरीदा
     नहीं जाता,
 और दुःख का कोई खरीदार
     नहीं होता.
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 मुझे जिंदगी का इतना
      तजुर्बा तो नहीं,
 पर सुना है सादगी में लोग

       जीने नहीं देते..
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........खुशी बाटो खुशी मिलेगी.......

एक बार एक व्यक्ति ने..
एक..नया मकान...खरीदा..
उसमे.फलों का बगीचा भी था..
...
...मगर पडोस के मकान पुराने थे..और उनमे कई लोग रहते थे.
...
..कुछ दिन बाद उसने देखा कि पडौस के मकान से किसी ने बाल्टी भर कूडा उसके घर ...दरवाजे पर डाल दिया है..
.....
..शाम को उस व्यक्ति ने एक बाल्टी ली उसमे ताजे फल रखे ..
और उस घर के दरवाजे पर घंटी बजायी....
..उस घर के लोग बेचैन हो गये.
और वो सोचने लगे कि वह उनसे सुबह की घटना के लिये लडने आया है..
..अत वे पहले ही तैयार हो गये और बुरा भला बोलने लगे..
.मगर जैसे ही उन्होने दरवाजा खोला....
.....वे हैरान हो गये...रसीले ताजे फलों की भरी बाल्टी के साथ......मुस्कान चेहरे पर लिये नया पडोसी सामने खडा था...
.........सब हैरान थे....
....उसने कहा....जो मेरे पास था वही मैं आपके लिये ला सका...

.....
.....
...........सच है जिसके पास जो है वही वह दूसरे को .....दे सकता है...
..जरा सोचिये..
.कि मेरे पास दूसरो
के लिये क्या है..
.....
...........दाग तेरे दामन के धुले ना धुले
नेकी तेरी कही पर तुले ना तुले.....
मांग ले अपनी गलतियो की माफी खुद से.
क्या पता आँख कल ये खुले ना खुले.......

प्यार बांटो प्यार मिलेगा,
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After having failed his exam, a student goes and confronts his lecturer about it.
Student:
“Sir, do you really understand anything about the subject?”
Professor:
“Surely I must. Otherwise I would not be a professor!”
Student:
“Great, well then I would like to ask you a question. If you can give me the correct answer, I will accept my mark as is and go. If you however do not know the answer, I want you to give me an “A” for the Exam.”
Professor:
“Okay, it’s a deal. So what is the question?”
Student:
“What is legal but not logical, logical but not legal, and neither logical nor legal?”
Even after some long and hard consideration, the professor cannot give the student an answer, and therefore changes his exam mark into an “A”, as agreed.
Afterwards, the professor calls on his best student and asks him the same question.
He immediately answers:
“Sir, you are 63 years old and married to a 35 year old woman, which is legal, but not logical. Your wife has a 17 Year old lover, which is logical but not legal. The fact that you have given your wife’s lover an “A”, although he really should have failed, is neither legal nor logical.”
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