Thursday, July 21, 2016

21-07-2016

आधुनिक सच

मियां-बीबी दोनों मिल खूब कमाते हैं
तीस लाख का पैकेज दोनों ही पाते हैं

सुबह आठ बजे नौकरियों परजाते हैं
रात ग्यारह तक ही वापिस आते हैं

अपने परिवारिक रिश्तों से कतराते हैं
अकेले रह कर वह कैरियर बनाते हैं

कोई कुछ मांग न ले वो मुंह छुपाते हैं
भीड़ में रहकर भी अकेले रह जाते हैं

मोटे वेतन की नौकरी छोड़ नहीं पाते हैं
अपने नन्हे मुन्ने को पाल नहीं पाते हैं

फुल टाइम की मेड ऐजेंसी से लाते हैं
उसी के जिम्मे वो बच्चा छोड़ जाते हैं

परिवार को उनका बच्चा नहीं जानता है
केवल आया'आंटी' को ही पहचानता है

दादा-दादी, नाना-नानी कौन होते है?
अनजान है सबसे किसी को न मानता है

आया ही नहलाती है आया ही खिलाती है
टिफिन भी रोज़ रोज़ आया ही बनाती है

यूनिफार्म पहनाके स्कूल कैब में बिठाती है
छुट्टी के बाद कैब से आया ही घर लाती है

नींद जब आती है तो आया ही सुलाती है
जैसी भी उसको आती है लोरी सुनाती है

उसे सुलाने में अक्सर वो भी सो जाती है
कभी जब मचलता है तो टीवी दिखाती है

जो टीचर मैम बताती है वही वो मानता है
देसी खाना छोड कर पीजा बर्गर खाता है

वीक एन्ड पर मॉल में पिकनिक मनाता है
संडे की छुट्टी मौम-डैड के संग बिताता है

वक्त नहीं रुकता है तेजी से गुजर जाता है
वह स्कूल से निकल के कालेज में आता है

कान्वेन्ट में पढ़ने पर इंडिया कहाँ भाता है
आगे पढाई करने वह विदेश चला जाता है

वहाँ नये दोस्त बनते हैं उनमें रम जाता है
मां-बाप के पैसों से ही खर्चा चलाता है

धीरे-धीरे वहीं की संस्कृति में रंग जाता है
मौम डैड से रिश्ता पैसों का रह जाता है

कुछ दिन में उसे काम वहीं मिल जाता है
जीवन साथी शीघ्र ढूंढ वहीं बस जाता है

माँ बाप ने जो देखा ख्वाब वो टूट जाता है
बेटे के दिमाग में भी कैरियर रह जाता है

बुढ़ापे में माँ-बाप अब अकेले रह जाते हैं
जिनकी अनदेखी की उनसे आँखें चुराते हैं

क्यों इतना कमाया ये सोच के पछताते हैं
घुट घुट कर जीते हैं खुद से भी शरमाते हैं

हाथ पैर ढीले हो जाते, चलने में दुख पाते हैं
दाढ़-दाँत गिर जाते, मोटे चश्मे लग जाते हैं

कमर भी झुक जाती, कान नहीं सुन पाते हैं
वृद्धाश्रम में दाखिल हो, जिंदा ही मर जाते हैं :

सोचना की बच्चे अपने लिए पैदा कर रहे हो
या विदेश की सेवा के लिए।

बेटा एडिलेड में, बेटी है न्यूयार्क।
ब्राईट बच्चों के लिए, हुआ बुढ़ापा डार्क।

बेटा डालर में बंधा, सात समन्दर पार।
चिता जलाने बाप की, गए पड़ोसी चार।

ऑन लाईन पर हो गए, सारे लाड़ दुलार।
दुनियां छोटी हो गई, रिश्ते हैं बीमार।

बूढ़ा-बूढ़ी आँख में, भरते खारा नीर।
हरिद्वार के घाट की, सिडनी में तकदीर।

तेरे डालर से भला, मेरा इक कलदार।
रूखी-सूखी में सुखी, अपना घर संसार
************************************

Wednesday, July 20, 2016

20-07-2016

  very touching

जब  बचपन  था,  तो  जवानी  एक  ड्रीम  था...
 V
जब  जवान  हुए,  तो  बचपन  एक  ज़माना  था... !!

जब  घर  में  रहते  थे,  आज़ादी  अच्छी  लगती  थी...

आज  आज़ादी  है,  फिर  भी  घर  जाने  की  जल्दी  रहती  है... !!

कभी  होटल  में  जाना  पिज़्ज़ा,  बर्गर  खाना  पसंद  था...

आज  घर  पर  आना  और  माँ  के  हाथ  का  खाना  पसंद  है... !!!

स्कूल  में  जिनके  साथ  ज़गड़ते  थे,  आज उनको  ही  इंटरनेट  पे  तलाशते  है... !!

ख़ुशी  किसमे  होतीं है,  ये  पता  अब  चला  है...
बचपन  क्या  था,  इसका  एहसास  अब  हुआ  है...

काश  बदल  सकते  हम  ज़िंदगी  के  कुछ  साल..

.काश  जी  सकते  हम,  ज़िंदगी  फिर  एक बार...!!


 जब हम अपने शर्ट में हाथ छुपाते थे और लोगों से कहते फिरते थे देखो मैंने अपने हाथ जादू से हाथ गायब कर दिए


✏जब हमारे पास चार रंगों से लिखने वाली एक पेन हुआ करती थी और हम सभी के बटन को एक साथ दबाने की कोशिश किया करते थे |❤

 जब हम दरवाज़े के पीछे छुपते थे ताकि अगर कोई आये तो उसे डरा सके..


जब आँख बंद कर सोने का नाटक करते
थे ताकि कोई हमें गोद में उठा के बिस्तर तक पहुचा दे |


सोचा करते थे की ये चाँद हमारी साइकिल के पीछे पीछे क्यों चल रहा हैं |


On/Off वाले स्विच को बीच में
अटकाने की कोशिश किया करते थे |


 फल के बीज को इस डर से नहीं खाते थे की कहीं हमारे पेट में पेड़ न उग जाए |


 बर्थडे सिर्फ इसलिए मनाते थे
ताकि ढेर सारे गिफ्ट मिले |

फ्रिज को धीरे से बंद करके ये जानने की कोशिश करते थे की इसकी लाइट कब बंद होती हैं |


  सच , बचपन में सोचते हम बड़े
क्यों नहीं हो रहे ?


और अब सोचते हम बड़े क्यों हो गए ?


ये दौलत भी ले लो.. ये शोहरत भी ले लो

भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी...

मगर मुझको लौटा दो बचपन का सावन ....

वो कागज़ की कश्ती वो बारिश का पानी..
****************************************

..............

Monday, July 18, 2016

18-07-2016

"प्राचीन स्वास्थ्य दोहावली"

पानी में गुड डालिए,
बीत जाए जब रात!
सुबह छानकर पीजिए,
अच्छे हों हालात!!

धनिया की पत्ती मसल,
बूंद नैन में डार!
दुखती अँखियां ठीक हों,
पल लागे दो-चार!!

ऊर्जा मिलती है बहुत,
पिएं गुनगुना नीर!
कब्ज खतम हो पेट की,
मिट जाए हर पीर!!

प्रातः काल पानी पिएं,
घूंट-घूंट कर आप!
बस दो-तीन गिलास है,
हर औषधि का बाप!!

ठंडा पानी पियो मत,
करता क्रूर प्रहार!
करे हाजमे का सदा,
ये तो बंटाढार!!

भोजन करें धरती पर,
अल्थी पल्थी मार!
चबा-चबा कर खाइए,
वैद्य न झांकें द्वार!!

प्रातः काल फल रस लो,
दुपहर लस्सी-छांस!
सदा रात में दूध पी,
सभी रोग का नाश!!

दही उडद की दाल सँग,
पपीता दूध के संग!
जो खाएं इक साथ में,
जीवन हो बदरंग!!

प्रातः- दोपहर लीजिये,
जब नियमित आहार!                                              
तीस मिनट की नींद लो,
रोग न आवें द्वार!!

भोजन करके रात में,
घूमें कदम हजार!
डाक्टर, ओझा, वैद्य का ,
लुट जाए व्यापार !!

देश,भेष,मौसम यथा,
हो जैसा परिवेश!
वैसा भोजन कीजिये,
कहते सखा सुरेश!!

इन बातों को मान कर,
जो करता उत्कर्ष!
जीवन में पग-पग मिले,
उस प्राणी को हर्ष!!

घूट-घूट पानी पियो,
रह तनाव से दूर!
एसिडिटी, या मोटापा,
होवें चकनाचूर!!

अर्थराइज या हार्निया,
अपेंडिक्स का त्रास!
पानी पीजै बैठकर,
कभी न आवें पास!!

रक्तचाप बढने लगे,
तब मत सोचो भाय!
सौगंध राम की खाइ के,
तुरत छोड दो चाय!!

सुबह खाइये कुवंर-सा,
दुपहर यथा नरेश!
भोजन लीजै रात में,
जैसे रंक सुरेश!!

देर रात तक जागना,
रोगों का जंजाल!
अपच,आंख के रोग सँग,
तन भी रहे निढाल!!

टूथपेस्ट-ब्रश छोडकर,
हर दिन दोनो जून!
दांत करें मजबूत यदि,
करिएगा दातून!!

हल्दी तुरत लगाइए,
अगर काट ले श्वान!
खतम करे ये जहर को,
कह गए कवि सुजान!!

मिश्री, गुड, खांड,
ये हैं गुण की खान!
पर सफेद शक्कर सखा,
समझो जहर समान!!

चुंबक का उपयोग कर,
ये है दवा सटीक!
हड्डी टूटी हो अगर,
अल्प समय में ठीक!!

दर्द, घाव, फोडा, चुभन,
सूजन, चोट पिराइ!
बीस मिनट चुंबक धरौ,
पिरवा जाइ हेराइ!!

हँसना, रोना, छींकना,
भूख, प्यास या प्यार!
क्रोध, जम्हाई रोकना,
समझो बंटाढार!!

सत्तर रोगों कोे करे,
चूना हमसे दूर!
दूर करे ये बाझपन,
सुस्ती अपच हुजूर!!

यदि सरसों के तेल में,
पग नाखून डुबाय!
खुजली, लाली, जलन सब,
नैनों से गुमि जाय!!

भोजन करके जोहिए,
केवल घंटा डेढ!
पानी इसके बाद पी,
ये औषधि का पेड!!

जो भोजन के साथ ही,
पीता रहता नीर!
रोग एक सौ तीन हों,
फुट जाए तकदीर!!

पानी करके गुनगुना,
मेथी देव भिगाय!
सुबह चबाकर नीर पी,
रक्तचाप सुधराय!!

अलसी, तिल, नारियल,
घी सरसों का तेल!
यही खाइए नहीं तो,
हार्ट समझिए फेल!!

पहला स्थान सेंधा नमक,
पहाड़ी नमक सु जान!
श्वेत नमक है सागरी,
ये है जहर समान!!

तेल वनस्पति खाइके,
चर्बी लियो बढाइ!
घेरा कोलेस्टरॉल तो,
आज रहे चिल्लाइ!!

अल्यूमिन के पात्र का,
करता है जो उपयोग!
आमंत्रित करता सदा ,
वह अडतालीस रोग!!

फल या मीठा खाइके,
तुरत न पीजै नीर!
ये सब छोटी आंत में,
बनते विषधर तीर!!

चोकर खाने से सदा,
बढती तन की शक्ति!
गेहूँ मोटा पीसिए,
दिल में बढे विरक्ति!!

नींबू पानी का सदा,
करता जो उपयोग!
पास नहीं आते कभी,
यकृति-आंत के रोग!!

दूषित पानी जो पिए,
बिगडे उसका पेट!
ऐसे जल को समझिए,
सौ रोगों का गेट!!

रोज मुलहठी चूसिए,
कफ बाहर आ जाय!
बने सुरीला कंठ भी,
सबको लगत सुहाय!!

भोजन करके खाइए,
सौंफ,  गुड, अजवान!
पत्थर भी पच जायगा,
जानै सकल जहान!!

लौकी का रस पीजिए,
चोकर युक्त पिसान!
तुलसी, गुड, सेंधा नमक,
हृदय रोग निदान!!

हृदय रोग, खांसी और
आंव करें बदनाम!
दो अनार खाएं सदा,
बनते बिगडे काम!!

चैत्र माह में नीम की,
पत्ती हर दिन खावे !
ज्वर, डेंगू या मलेरिया,
बारह मील भगावे !!

सौ वर्षों तक वह जिए,
लेत नाक से सांस!
अल्पकाल जीवें, करें,
मुंह से श्वासोच्छ्वास!!

सितम, गर्म जल से कभी,
करिये मत स्नान!
घट जाता है आत्मबल,
नैनन को नुकसान!!

हृदय रोग से आपको,
बचना है श्रीमान!
सुरा, चाय या कोल्ड्रिंक,
का मत करिए पान!!

अगर नहावें गरम जल,
तन-मन हो कमजोर!
नयन ज्योति कमजोर हो,
शक्ति घटे चहुंओर!!

तुलसी का पत्ता करें,
यदि हरदम उपयोग!
मिट जाते हर उम्र में,
तन के सारे रोग!!

Monday, July 11, 2016

11-07-2016

~चौमासा आया~~~

    पूरी साल खाये डोसा
अब तो कर ले भैया पौसा,
      पूरे साल की बकवास
अब तो कर ले रे उपवास,
    पूरे साल किया जमेला
अब तो कर ले भाई तैला,
    पूरे साल कमाया ब्याज
अब तो छोड़ रे आलू प्याज़,
    यूँ ही चलती रहेगी समस्या
अब तो कर ले भाई तपस्या,
    तपस्या ही भव तारसी
अब कर ले तू नवकारसी,
    पूरे साल ही करी कमाई
अब तो करले रे सामायी,
    पूरे साल में ना आई थकान
अब तो कर ले प्रत्याख्यान,
    पूरे साल करी कटौती
अब क्यूँ खावे रे लिलोती,
    पूरे साल खाए पकवान
अब तो भज ले रे भगवान...॥
**********************************

Sunday, July 10, 2016

10-07-2016

Your Time Will Come..

Kenya is two hours ahead of Nigeria, but it does not mean that Nigeria is slow, and it does not mean that Kenya is faster than Nigeria. Both countries are working based on their own "Time Zone."

 Some one is still single..Someone got married and 'waited' ten years before having a child, there is another who had had a baby within one year after marriage.

 Someone graduated at the age of 22, yet waited 5 years before securing a job; and there is another who graduated at the age of 27 and secured employment just after national service.

Joyce Meyer started her own ministry at age 41 and still alive today at 71 years old.

Someone became CEO at the age of 25 and died at the age of 50 while another became a CEO at the age of 50 and lived to 90 years.

Everyone worked based on their 'Time Zone'..
Some people have everything that work fast for them. Work in your “time zone”.

Colleagues, friends, associates, younger one(s) might "seem" to go ahead of you. Don't envy them, it's their 'Time Zone.'. Yours is coming soon. Hold on, be strong, and stay true to yourself. All things shall work together for your good. You’re not late… you’re on time!

YOUR TIME WILL COME!!
****************************
हमारे जीवन की सभी समस्याओ की वजह सिर्फ दो शब्द हे -

"जल्दी" और "देर"


हम सपने बहुत जल्दी देखते हैं,
            और कार्य बहुत देरी से करते हैं

हम भरोसा बहुत जल्दी करते हैं ..
         और माफ करने मे बहुत देर करते हैं।

हम गुस्सा बहुत जल्दी करते  हैं,
         और माफी बहुत देर से माँगते हैं।

हम हार बहुत जल्दी मानते हैं,
    और शुरुआत करने मे बहुत देर करते हैं।

हम  रोने मे बहुत जल्दी करते हैं ..
          और मुस्कुराने मे बहुत देर करते हैं

बदलें "जल्दी" वरना
            बहुत  "देर" हो जाएगी ......।
**********************************
👉बहाने Vs सफलता 👈
          ******
1- मुझे उचित शिक्षा लेने का
अवसर नही मिला...

उचित शिक्षा का  अवसर
फोर्ड मोटर्स के मालिक
हेनरी फोर्ड को भी नही मिला ।
********

2- मै इतनी बार हार चूका ,
अब हिम्मत नही...

अब्राहम लिंकन 15 बार
चुनाव हारने के बाद राष्ट्रपति बने।
********

3- मै अत्यंत गरीब घर से हूँ ...

पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम भी
गरीब घर से थे ।
*******

4- बचपन से ही अस्वस्थ था...

आँस्कर विजेता अभिनेत्री
मरली मेटलिन भी बचपन से
बहरी व अस्वस्थ थी ।
********

5 - मैने साइकिल पर घूमकर
आधी ज़िंदगी गुजारी है...

निरमा के करसन भाई पटेल ने भी
साइकिल पर निरमा बेचकर
आधी ज़िंदगी गुजारी ।
********

6- एक दुर्घटना मे
अपाहिज होने के बाद
मेरी हिम्मत चली गयी...

प्रख्यात नृत्यांगना
सुधा चन्द्रन के पैर नकली है ।
**********

7- मुझे बचपन से मंद बुद्धि
कहा जाता है...

थामस अल्वा एडीसन को भी
बचपन से मंदबुद्धि कहा जता था।
********

8- बचपन मे ही मेरे पिता का
देहाँत हो गया था...

प्रख्यात संगीतकार
ए.आर.रहमान के पिता का भी
देहांत बचपन मे हो गया था।
*********

9- मुझे बचपन से परिवार की
जिम्मेदारी उठानी पङी...

लता मंगेशकर को भी
बचपन से परिवार की जिम्मेदारी
उठानी पङी थी।
*******

10- मेरी लंबाई बहुत कम है...

सचिन तेंदुलकर की भी
लंबाई कम है।
*******

11- मै एक छोटी सी
नौकरी करता हूँ ,

इससे क्या होगा...
धीरु अंबानी भी
छोटी नौकरी करते थे।
********

12- मेरी कम्पनी एक बार
दिवालिया हो चुकी है ,
अब मुझ पर कौन भरोसा करेगा...

दुनिया की सबसे बङी
शीतल पेय निर्माता पेप्सी कोला भी
दो बार दिवालिया हो चुकी है ।
*******

13- मेरा दो बार नर्वस
ब्रेकडाउन हो चुका है ,
अब क्या कर पाउँगा...

डिज्नीलैंड बनाने के पहले
वाल्ट डिज्नी का तीन बार
नर्वस ब्रेकडाउन हुआ था।
**********

14- मेरी उम्र बहुत ज्यादा है...

विश्व प्रसिद्ध केंटुकी फ्राइड चिकेन
के मालिक ने 60 साल की उम्र मे
पहला रेस्तरा खोला था।
*******

15- मेरे पास बहुमूल्य आइडिया है
पर लोग अस्वीकार कर देते है...

जेराँक्स फोटो कापी मशीन के
आईडिया को भी ढेरो कंपनियो ने
अस्वीकार किया था पर आज
परिणाम सामने है ।
*********

16- मेरे पास धन नही...
इन्फोसिस के पूर्व चेयरमैन
नारायणमूर्ति के पास भी धन नही था
उन्हे अपनी पत्नी के गहने बेचने पङे।
*********

17- मुझे ढेरो बीमारियां है..

वर्जिन एयरलाइंस के प्रमुख भी
अनेको बीमारियो मे थे |
राष्ट्रपति रुजवेल्ट के दोनो पैर
काम नही करते थे।
*********

आज आप जहाँ भी है
या कल जहाँ भी होगे
इसके लिए आप किसी और को
जिम्मेदार नही ठहरा सकते ,
इसलिए आज चुनाव करिये -
सफलता और सपने चाहिए
या खोखले बहाने ...
*******************************


Friday, July 8, 2016

08-07-2016

Never Lie to a Smart Woman

Man on phone: “Honey I’ve been asked to go golfing in  Jaipur with my boss for a week. This is a good opportunity for me to get the promotion. So could you please pack enough clothes for a week, and my Golf bag.
We’re leaving from office & I’ll swing by the house to pick my things. Oh, Please pack my new blue silk pyjamas!”

The wife thinks this sounds a bit fishy, but being a good wife she did exactly as her husband said.
The following weekend he came home a little tired but looking good…

The wife welcomed him & asked if he enjoy the trip?

He said “Yes, we had some good games and the weather is hot. But why didn’t u pack my blue silk pyjamas?”

You’ll love the answer..!n
She says, “I did…..They’re in your Golf bag”

…. Game over !!
**********************************************

Thursday, July 7, 2016

07-07-2016

નાની સાઇકલમાં બહુ મજા આવતી
આજે કાર પણ એ મજા નથી આપતી..

હું કેટલો બદલાઇ ગયો છું !

રોટલી પર ઘી ને ખાંડ લગાવી ભૂંગળું
ખાવાથી મળતો આનંદ મેકડોનાલ્ડના બર્ગર કે
ડોમિનોઝના પિત્ઝામાંથી પણ નથી મળતો..

હું કેટલો બદલાઇ ગયો છું !

સાંધેલા ચપ્પલ પહેરીને મોટા ડુંગરાઓ ચડી જતો
પણ આજે એડીદાસના શુઝ ડંખ્યા કરે છે..

હું કેટલો બદલાઇ ગયો છું !

ખેતર કે વગડામાં ઝાડવા નીચે
પાથર્યા વગર પણ ઘસઘસાટ ઉંઘી જતો
ને આજે એસી રૂમમાં પણ સતત પડખા બદલ્યા કરુ છું..

હું કેટલો બદલાઇ ગયો છું !

વેકેશનમાં મામાની ઘરે આખો મહીનો રહેતો
એ મામા માત્ર મારા મોબાઇલમાં સેવ થયેલા છે..
વાત થતી નથી કે મળાતું નથી..

હું કેટલો બદલાઇ ગયો છું !

બે ચાર મિત્રોનો સહવાસ
આખી દુનિયા સાથે છે એવી અનુભૂતિ કરાવતો
અને આજે ફેસબુકમાં હજારો મિત્રો હોવા છતા
સાવ એકલો હોઉં એમ લાગે છે..

હું કેટલો બદલાઇ ગયો છું !

કંઇ ખબર ન પડવા છતાય
મંદિરમાં આંખ બંધ કરીને બેસતો
અને ભગવાનની મૂર્તિ દેખાતી,,
આજે મોટી મોટી ધ્યાન શિબિરો પણ
મનને સ્થિર નથી કરી શકતું..

હું કેટલો બદલાઇ ગયો છું !

અગરબતીની સાથે સાવ મફતમાં આવતા
અતરની સુવાસ દિવસો સુધી આવતી અને
આજે નોટીકાના મોંઘા પરફ્યુમની સુવાસ
બે સેકન્ડ પણ નથી અનુભવી શકતો..

હું કેટલો બદલાઇ ગયો છું !

ઠીકરાની પાટી અને માટીના પેનની મઝા
આઇફોન અને આઇપેડ પાસે સાવ ઝાંખી પડે છે..

હું કેટલો બદલાઇ ગયો છું !

બેંક બેલેન્સ વધવા છતા પણ
દિવસે દિવસે આનંદ ઘટતો જાય છે..

હું કેટલો બદલાઇ ગયો છું !
******************************
🌹જુઓ ગુજરાતી ભાષા નો વૈભવ 🌹

 👇🏼👇🏼👇🏼👇🏼👇🏼👇🏼👇🏼👇🏼

આશા અમર છે.
અમર પ્રેમ છે.
પ્રેમ સાગર છે.
સાગર કુંવારો છે.
કુંવારો સુખી છે.
સુખી ગાયક છે.
ગાયક ગાય છે.
ગાય માતા છે.
માતા સ્ત્રી છે.
સ્ત્રી શક્તિ છે.
શક્તિ દુધ છે.
દુધ સફેદ છે.
સફેદ કલર છે.
કલર ચેનલ છે.
ચેનલ ચાલુ છે.
ચાલુ આઇટમ છે.
આઇટમ હોટ છે.
હોટ સમર છે.
સમર વેકેશન છે.
વેકેશન લાંબું છે.
લાંબું જીવન છે.
જીવન યાત્રા છે.
યાત્રા સાહસ છે.
સાહસ વીર છે.
વીર જવાન છે.
જવાન અમર છે
  અને
અમર તો આશા છે.


સાલુ...જબરૂ છે નઈ.....
*****************